चंदौली। जनपद चंदौली की पावन धरती पर मंगलवार, 08 सितंबर 2026 को ‘बिरहा विधा बचाओ, बिरहा विधा गाओ, बिरहा विधा बढ़ाओ’ विषयक भव्य बिरहा दंगल एवं महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिरहा विधा से जुड़े गायक कलाकारों, कवियों, समाजसेवियों एवं आयोजकों ने सहभागिता कर लोक संस्कृति और बिरहा की समृद्ध परंपरा को संरक्षित एवं आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।कार्यक्रम के दौरान आजादी की जंग लड़ने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं अमर शहीदों की पावन स्मृतियों को नमन किया गया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से बिरहा लोकविधा के संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। महोत्सव में बिरहा जगत के कई सुप्रसिद्ध गायक कलाकारों ने शिरकत की और अपनी शानदार प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन किया।महोत्सव में जवाहर लाल यादव, जाकिर अली, बिजमोहन यादव (बिहार), गुरुचरण यादव, बब्लू यादव बंजारा (वाराणसी), जशवंत यादव एवं काशीनाथ यादव सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया और पूरा परिसर बिरहा की स्वर लहरियों से गूंजता रहा।कार्यक्रम की अध्यक्षता मंगल यादव कवि ने की, जबकि श्री राम यादव कार्यक्रम के संयोजक रहे। आयोजकों ने कहा कि बिरहा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि पूर्वांचल की लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक चेतना की मजबूत पहचान है। आज के आधुनिक दौर में इस लोकविधा को बचाने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।कार्यक्रम के दौरान ‘बिहारी जनक आदिगुरु बिहारी अमर रहें’, ‘अखाड़ा श्री गुरु रम्मन दास जिंदाबाद’ तथा ‘सम्पूर्ण बिरहा घराना जिंदाबाद’ के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। बिरहा प्रेमियों में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।इस अवसर पर रिटायर्ड भू-सर्वेक्षण इंजीनियर रामकेश यादव, रिटायर्ड निसार खान, रिटायर्ड प्रधानाचार्य शिव बच्चन सिंह, राम नगीना सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। अतिथियों एवं विशिष्टजनों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान लोक संस्कृति और बिरहा विधा के संरक्षण में योगदान देने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

मंगल यादव कवि के गीतों से बंधा समां
कार्यक्रम के समापन अवसर पर मंगल यादव कवि ने अपने गीतों और बिरहा की शानदार प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित दर्शक देर तक मंत्रमुग्ध होकर उनकी प्रस्तुति सुनते रहे। उनके गीतों में बिरहा विधा के संरक्षण, लोक संस्कृति के सम्मान और सामाजिक जागरूकता का संदेश देखने को मिला। उनकी प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और कलाकार का उत्साहवर्धन किया।मंगल यादव कवि की प्रभावशाली प्रस्तुति के साथ ही भव्य बिरहा दंगल एवं महोत्सव का उल्लासपूर्ण माहौल में समापन हुआ। आयोजकों ने बिरहा प्रेमियों, कलाकारों और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे ‘बिरहा विधा बचाओ, बिरहा विधा गाओ और बिरहा विधा बढ़ाओ’ के संकल्प के साथ इस लोकविधा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में अपना योगदान दें।
