कमालपुर।श्री राम जानकी मंदिर सेवा समिति के तत्वाधान में सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ श्री राम जानकी मंदिर परिसर में तीसरे दिन गुरवार को जारी रहा।कथा का रसपान अयोध्या से आए कथावाचक श्री संत दास जी महाराज ने प्रभु श्री राम के जीवन चरित्र व मानव जीवन के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा किया।कथा सुनकर श्री राम जानकी मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति साधु या संत बन सकता है।इसके लिए आपको केवल सज्जन बनने की जरूरत है।इस मनुष्य जीवन में भव सागर रूपी नदी को पार करने लिए सबको ईश्वर की भक्ति करना जरूरी है।व्यक्ति को जीवन में भागवत कथा सुनने का जब भी मौका मिले तो उसे कभी भी गंवाना नहीं चाहिए।गुरु पतवार की तरह होता है उसके बिना माया से अलग नहीं हो सकते है।मनुष्य दस प्रकार के होते है।व्यक्ति का कर्म ही महान होता है।ईश्वर की भक्ति करना बहुत ही जरूरी है।ईश्वर भाव के भूखे होते है।वह केवल आपके भाव से प्रसन्न होते है।भगवान श्री कृष्ण ने अपने बाल लीलाओं से समाज को संदेश देने का काम किया।परीक्षित का सीधा अर्थ है परीक्षण करना।जो व्यक्ति अपने अंदर में दोष को जानकर उसे दूर करता है।वही सही अर्थ में व्यक्ति की परिभाषा बन सकता है।इस मौके पर शिवदयाल गुप्ता, दयाराम यादव , अमरनाथ जायसवाल, त्रिलोकीनाथ जायसवाल, सुनील उपाध्याय, संजय रस्तोगी, बाल गोविंद रस्तोगी,अनिल जायसवाल ओंकार रस्तोगी, कामता जायसवाल,अवधेश रस्तोगी, भोलेनाथ जायसवाल, मुन्नी लाल जायसवाल, राजकुमार यादव , संतोष कुमार, कल्लू उपाध्याय, शिवजी वर्मा, अनिल गुप्ता, प्रदीप रस्तोगी, अखंडानंद तिवारी, गोपी नाथ जायसवाल आदि रहे।

