चंदौली/सकलडीहा। तहसील क्षेत्र में बीते सात दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सकलडीहा, चहनिया और धानापुर ब्लॉक के हजारों किसानों की कई हजार एकड़ में लगी धान की फसल जलभराव के कारण प्रभावित हो गई है। खेतों में पानी भरे रहने से फसल बर्बाद होने की आशंका से चिंतित किसानों ने मंगलवार को तहसील मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया।किसान यूनियन के पदाधिकारियों के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने फसल क्षति का उचित मुआवजा देने तथा जल निकासी की तत्काल व्यवस्था कराने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने तहसील प्रशासन पर जलभराव की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाने का आरोप लगाते हुए जमकर नाराजगी व्यक्त की।किसानों का आरोप है कि भारी बारिश के कारण पिपरी, बर्थरा कला, नरौजा, धनउर, दिघवट, कटसिल, जामडीह, नरैना, बरठी, कम्हारी, शिवगढ़, बढ़वलडीह, सेवखर, राउतपुर, फरसंड मोहनपुर, खगवल, सकलडीहा, ताजपुर, लेहरा, मनिहरा, ओरवा, कांधी, दिनदासपुर, सलेमपुर, विशुनपुरा, नागेपुर, पदुमनाथपुर, तेनुवट, चतुर्भुजपुर, तुलसी आश्रम सहित तीनों ब्लॉकों के अनेक गांवों में धान की फसल पानी में डूब गई है।प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग द्वारा नहरों और ड्रेनों की साफ-सफाई के कार्य में केवल औपचारिकता निभाई गई। समय से नालों और ड्रेनों की समुचित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी खेतों से बाहर नहीं निकल पा रहा है। किसानों ने ठेकेदारों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।किसानों का कहना है कि उन्होंने हजारों रुपये खर्च कर धान की रोपाई की थी, लेकिन जलभराव के कारण अब उनकी मेहनत और लागत दोनों बर्बाद होने के कगार पर हैं। किसानों ने अधिकारियों पर उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेने और फोन पर संपर्क नहीं होने का भी आरोप लगाया।किसान नेताओं ने कहा कि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए और जल निकासी के लिए तत्काल प्रभावी व्यवस्था की जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।विरोध प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष जितेंद्र तिवारी, राम अवतार सिंह, मनोज यादव, राजेंद्र प्रसाद, जयप्रकाश यादव, हरिश्चंद्र, मुन्ना सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

